Home Nationभारत के 5 स्वतंत्रता सेनानी नायक ।। आज़ाद भारत के क्रांतिकारी सेनानायक
भारत के 5 स्वतंत्रता सेनानी नायक ।।  आज़ाद भारत के क्रांतिकारी सेनानायक

भारत के 5 स्वतंत्रता सेनानी नायक ।। आज़ाद भारत के क्रांतिकारी सेनानायक

प्रणाम ❣

कुछ लोगो की मानसिकता के वजह से स्वर्णिम भारत की सत्ता उस समय क्रूर अंग्रेजो के हाथ मे आ गयी । जिससे भारत पर उन्होंने आधिपत्य करलिया था। स्वार्थी परंपरा होने के कारण अंग्रेज खुद की सत्ता पूरे विश्व मे लाना चाहते थे ।

लेकिन भारत मे उनका इरादा ज्यादा देर तक नही टिक सका ।
ऐसे निर्दयी अंग्रेजो को अपनी मिट्टी से दूर भेजने वाले , #भारत को अंग्रेजो से #आज़ादी दिलाने वाले कुछ महान व्यक्ति थे ।।

जानते है इन महान दिलेर व्यक्तियों के बारे में

1. रानी लक्ष्मीबाई –

रानी लक्ष्मीबाई का जन्म बनारस में 1828 में मराठी ब्राह्मण परिवार हुआ । उन्हें मणिकर्णिका नाम दिया गया ,घर मे मनु कहकर पुकारा जाने लगा .. ।। उनकी शादी गंगाधर राव से झांसी में हुई वहां देवी लक्ष्मी के नाम पर उनका नाम लक्ष्मीबाई पड़ा ।। लक्ष्मी बाई के बेटे का नाम दामोदर था ।।
राजा के देहांत के बाद अंग्रेजो ने झांशी को पाने की साज़िश रची .. और अंग्रेजो ने मणिकर्णिका रानी से 60000 रुपये पेंशन दे किला खाली करने को कहा ।।
रानी ने उन्हें मना करदिया ओर बागियों के साथ अपनी फौज तैयार करली ..इसके बाद रानी और महल पर अंग्रेजो ने हमला किया .. मज़बूरी में रानी को अपने 4 साल के बेटे दामोदर को लेके अंधेरी रात में जाना पड़ा और युद्ध हुआ ।।
अपनी पीठ पर बेटे को बांधे हुए ..रानी दोनो हाथों में तलवार लिए ..और मुह में घोड़े की लगाम लिए कूद पड़ी रणभूमि में
युद्ध जब अपने परिणाम पर पहुचा तब रानी के कमर में एक गोली लग चुकी थी लेकिन रानी लक्ष्मीबाई खून को एक हाथ से दबा लड़ती चली गयी ..इसके बाद एक अंग्रेज से लड़ाई के दौरान उनके सिर पर तलवार की चोट लग गयी और रानी का सिर फट गया बावजूद इसके हमारी महारानी लक्ष्मीबाई ❤ अपने बेटे को सुरक्षित एक मंदिर में ले गयी और वहां के पुजारी से कहा कि मेरी चिता मेरा शरीर अंग्रेजो के हाथ न लगने देना..
इतना कहते ही रानी की गर्दन झुक गयी ।

” खूब लड़ी मर्दानी वो थी झांसी वाली रानी “

2- भगत सिंह

भगत सिंह भारत के सबसे क्रांतिकारी युवाओ में एक थे
भगत सिंह अपनी स्कूल और कॉलेज में रास्ट्रभक्ति का नाटक मंचन किया करते थे .. भगत सिंह लोगो अपने घर की चार दीवार से ही नही अंग्रेजो से भी आज़ाद करवाना चाहते थे .. भगत सिंह के मन मे शोला तब भड़का जब उन्हें जलियावाला बाग कांड की खबर लगी ..उनके दिल मे इतना रोष था कि वो पीडितो का दर्द बाटने 12 मील पैदल चल गए ।
और चन्द्र शेखर के साथ पहली मुलाकात में जलती मोमबत्ती पे हाथ रखके देश पर कुरबान होने की कसम खाली ।।
देश द्रोहियो अंग्रेजो के विरुद्ध भगत सिंह और उनकी टीम ने मिलके
बम फेंक दिए थे और उन्होंने अपनी गिरफ्तारी भी दी थी ..
जिसके चलते बिना मजिस्ट्रेट के उन्हें फांसी की सज़ा सुना दी थी .. ये कुछ पंक्तिया भगत सिंह ने बोली

ये जमीं भी अपनी
आसमा भी अपना होगा
होगा देश आजाद ..रे होगा देश आजाद

इतना खौफ अंग्रेजो में हो गया था भगत सिंह और 2 साथियो सुखदेव ओर राजगुरु का की इन तीनो को समय से 11 घण्टे पहले ही फांसी दे दी गयी थी

फांसी पर चढ़ने से पहले तीनो ने मिलके कहा
” तू रंग दे बसंती चोला ..रे मेरा रंग दे बसंती चोला ”

ओर कहके इतना खुशी खुशी चूम के फंदे को फांसी पे झूल गए

3- मंगल पांडे

23 की उम्र में #मंगल ने ईस्ट इंडिया कम्पनी में पैदल सिपाही की नौकरी की .. जहा बंदूकों में कारतूस डालने से मुह से खोला जाता था .. जब देसी पैदल सैनिकों को यह बात पता चली की कारतूस सुअर ओर गाय की चर्बी से बन रहे थे जो कि हिन्दू मुसलमान के किये आपत्तिजनक था.. जब मंगल पांडे ने विद्रोह करदिया .. इस विवाद में एक अंग्रेज को मंगल में मौत के घाट उतार दिया ..जब अंग्रेजो को ये रोष क्रांति बढ़ती दिखाई देनी लगी तब उन्होंने मंगल पांडे को फाँसी की सज़ा देदी ।। लेकिन विद्रोह इतना बढ़ गया था कि सदी की क्रांति का उद्घाटन हो चुका था ये पहली ऐसी आज़ादी की क्रांति थी जिसमे राजा प्रजा किसान सबने अंग्रेजो के खिलाफ आवाज़ उठा दी थी
ओर अंग्रेजो ने अपना शाशन का मकसद मुश्किल समझ लिया था

4.- बाल गंगाधर तिलक

गंगाधर तिलक भारत के एक प्रमुख स्वतन्त्रता नायक ओर समाज सुधारक थे
सबसे पहले तिलक ने ही पूर्ण स्वराज की मांग की
और इनका दिया हुआ नारा हमे आज भी याद है
” स्वराज मेरा जन्मसिद्दअधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा ”

5- सुभाष चंद बोस

नेताजी भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी नेता थे | द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान अंग्रेजो के खिलाफ लड़ने के लिए उन्होंने जापान के सहयोग से आजाद हिन्द फ़ौज का गठन किया था | उनके द्वारा दिया गया जय हिन्द का नारा , भारत का राष्ट्रीय नारा बन गया और आज भी वही है |

भारत के महान समाज व्यवस्थापक ओर स्वतन्त्रता सेनानियों के बारे में जानने पढ़ने के लिए आभार ❤आज में भारत भ्र्ष्टाचार से बंधा हुआ है , वही क्रांति हमे आज लानी होगी तभी भारत पूर्ण आज़ाद ओर खुशहाल होगा
जन जन में शांति होगी

#जय-हिंद #वन्दे-मातरम

#प्रणाम

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